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वो तो एक कार्टून था, ये क्या है?

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इन भेड़ियों के चेहरों से राष्ट्रीय चिन्ह का सम्मान बढ़ रहा है?

इन भेड़ियों के चेहरों से राष्ट्रीय चिन्ह का सम्मान बढ़ रहा है?

जिन भेड़ियों के चेहरे का कार्टून असीम ने बनाया था, वो तो मात्र अपनी क्षुदापूर्ती के लिये शिकार करते हैं
और क्षुदापूर्ती के बाद शेष भाग चील कौवों के लिये छोड़ देते हैं।शेर या भेड़िया दोनों बिना भूख शिकार की
की कोशिश प्रायः नहीं करते हैं।
प्रस्तुत चित्र में दर्शाये गये भेड़िये शिकार पर शिकार करते रहते हैं और उसे अपने आने वाली औलादों के लिये
जमा करते हैं।
राष्ट्रीय प्रतीक के इस प्रयोग आप की क्या राय है?

जिन भेड़ियों के चेहरे का कार्टून असीम ने बनाया था, वो तो मात्र अपनी क्षुदापूर्ती के लिये शिकार करते हैं और क्षुदापूर्ती के बाद शेष भाग चील कौवों के लिये छोड़ देते हैं।शेर या भेड़िया दोनों बिना भूख शिकार की  कोशिश प्रायः नहीं करते हैं।

प्रस्तुत चित्र में दर्शाये गये भेड़िये शिकार पर शिकार करते रहते हैं और उसे अपने आने वाली औलादों के लिये जमा करते हैं।

असीम का उद्देश्य अपने कार्टून के माध्यम से क्या था, किसी को संदेह नही है किन्तु  प्रस्तुत  चित्र के पीछे 

के मक़सद को भी समझना मुश्किल नहीं है।

राष्ट्रीय प्रतीक के इस प्रयोग पर आप की क्या राय है?



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13 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

bharodiya के द्वारा
September 14, 2012

मुंबई।। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी पर मुंबई पुलिस को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि असीम की गिरफ्तारी बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला है। पुलिस के इस कदम ने असीम के ‘अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार’ का उल्लंघन किया है। वकील संस्कार संस्कार मराठे द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस डी वाइ चंद्रचूड और जस्टिस अहमद सय्यद की बेंच ने कहा, ‘पुलिस कैसे ऐसे तुच्छ आधार पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है? आप एक कार्टूनिस्ट को अरेस्ट कर उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करते हैं।’ . अब यहां पर ईस छोटी बात पर अपने तुच्छ विचार रखने की जरूरत नही.

Chandan rai के द्वारा
September 14, 2012

अजय मित्र , आपके द्वारा प्रस्तुत इस चित्र ने काग्रेस की कलई खोल दी ,उनके भीतर राष्ट्प्रेम की जगह केवल और केवल स्वार्थी राजनीती भरी है ! ये उनका दोहरापन ही है !

vikramjitsingh के द्वारा
September 14, 2012

‘शेरों के ऊपर कुत्तों के सर’ क्या बेहूदगी है……??? शर्मनाक…..

September 14, 2012

भाई साहब! भाई साहब! क्या आपको पता नहीं कि जिन पर आप उंगली उठा रहे हैं वे त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश हैं. अतः आपको राष्ट्र द्रोह, धर्म द्रोह और न्याय द्रोह का दोषी करार करते हुए सजा-ए- मौत सुनाई जाती है…………सिपाहियों जनाब को ससम्मान घसीटते हुए चौराहे पर लाया जाय……………

    ajaykumarsingh के द्वारा
    September 14, 2012

      सजा स्वीकार है हुज़ूर…..! थोड़ा हँस लूं ना… हा हा हा हाााााााा

tejwanig के द्वारा
September 14, 2012

जाहिर सी बात है, यदि असीम ने अलत किया है तो यह भी गलत ही है, मगर इसको आधार बना कर आप असीम को माफ करने के मूड में हैं शायद

    ajaykumarsingh के द्वारा
    September 14, 2012

    जी हां,बिल्कुल!     असीम से पहले का कुकृत्य ये होर्डिंग है।आज तक इन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। राह चलते किसी से धक्का लग जाय तो उसे मुस्कराकर माफ कर देते हैं किन्तु यदि कोई जानबूझ कर निजी स्वार्थवश ऐसा करे तो उसे डांटना तो पड़ता ही है। असीम ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध व्यंग किया था किन्तु ये होर्डिंग कांग्रेस के निजी स्वार्थ के हित के लिये है।   तिरंगे में से चक्र को हटा कर कांग्रेसी हाथ के खूनी पंजे को छाप कर कांग्रेस तिरंगे का अपमान नहीं कर रही है?

dineshaastik के द्वारा
September 14, 2012

भारतीय राष्ट्रीय चिन्ह में शेर की जगह इन आदमखोर भेड़ियों के चित्र लगाने का कार्य  निश्चित ही जनद्रोह है। इस व्यक्ति पर कौन केश चलायगा। 

    ajaykumarsingh के द्वारा
    September 14, 2012

    दिनेश जी,नमस्कार,   सन् 2014 में जनता की अदालत में इस केस की तारीख पड़ी है।

vasudev tripathi के द्वारा
September 14, 2012

इसे फेसबुक पर देखा था.. वैसे यह होर्डिंग लगवाने वाला कार्यकर्ता बड़ा पका हुआ मालूम पड़ता है, वो जानता है कि कांग्रेस में ऊपर तक कैसे पहुंचा जा सकताहै.!! मुझे मलयालम पढना नहीं आती लेकिन फोटो देखकर याद कर ली है, आने वाले समय में क्या पता किस राज्य के राज्यपाल के रूप में इनके दर्शन हो जाएँ..!!! वैसे यदि गंभीरता पूर्वक कहा जाए तो असीम का कार्टून तो एक बचपनी मूर्खता थी किन्तु यह एक धृष्ट अपराध..!!!

    ajaykumarsingh के द्वारा
    September 14, 2012

    जी वासुदेव जी, मैने भी इसे फेसबुक से ही प्राप्त किया है। आप की बात एक दम सच है।

bharodiya के द्वारा
September 13, 2012

ये भेडिये ज्यादा खतरनाक है ।

    ajaykumarsingh के द्वारा
    September 13, 2012

    भरोडिया जी, नमस्कार,    लगता है असीम ने इनकी जगह पर कम खतरनाक भेड़ियों के चेहरे रख दिये थे इसीलिये उनपर ऐसा केस चला दिया गया।


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